Crime Patrol: नेता जी की लव स्‍टोरी और एक हैरतअंगेज कत्‍ल (Episode 596, 597 on 19th, 20th December, 2015)




फर्ज कीजिए कि कोई कत्ल होने वाला है और कातिल कत्ल करने अपने शिकार के पास पहुंच जाता है. इसके बाद वो सबसे पहले अपने शिकार को खुद उसी के कत्ल का तरीका बताता है. इतना ही नहीं कत्ल होने से पहले वो बाकायदा उसी से उसके कत्ल का वैसा ही रिहर्सल कराता है और कमाल ये कि कत्ल होने वाला खुशी-खुशी वो सब कुछ करता जाता है जो उसे कातिल करने को कहता है. आखिर में कातिल के बिना हाथ लगाए सचमुच उसका कत्ल हो जाता है.
इस तरह के हैरतअंगेज कत्‍ल को यूपी के सपा नेता सुधीर यादव ने अंजाम दिया है. सुधीर यूपी की सत्ताधारी पार्टी सपा का प्रदेश सचिव है. सुधीर की पत्‍नी की लाश फंदे से लटकी है, उसी के घर में नीचे स्टूल जमीन पर गिरा हुआ है, लोग रो-बिलख भी रहे हैं. ये मामला खुदकुशी का नहीं बल्कि सीधे कत्ल का है. आप कहेंगे वो कैसे? तो सुनिए अपने गले में फंदा कस कर मौत को गले लगाने का काम बेशक इस महिला ने खुद किया हो, लेकिन ये मौत उसकी मर्ज़ी से नहीं, बल्कि किसी और के कहने पर हुई है. यानी फंदा इसने खुद कसा, स्टूल पर खुद चढ़ी, फिर स्टूल को भी खुदही धक्का देकर गिराया. मगर ये सब इसने मरने के लिए नहीं किया था, बल्कि जीने के लिए किया.

 कहानी कानपुर शहर की है और इस कहानी के चार किरदार हैं. एक नेता, दूसरी उसकी बीवी, तीसरी प्रेमिका और चौथा एक तांत्रिक. एक तरफ बीवी जहां अपने शौहर की माशूका को मात देकर पति का प्यार दोबारा हासिल करना चाहती थी. वहीं, माशूका अपने आशिक की बीवी को ही रास्ते से हटाना चाहती थी. दोनों एक-दूसरे की साजिश से पूरी तरह अनजान थे और इसी अनजाने में शुरू होती है इस हैरतअंगेज कत्ल की साजिश की शुरुआत.

दुनिया के इस सबसे अजीब मर्डर मिस्ट्री की बुनियाद एक प्रेम त्रिकोण यानी लव ट्रायंगल के ऊपर रखी गई. पुलिस की मानें तो सुधीर की मुलाकात अपने ही मोहल्ले में रहनेवाली बैंक ऑफिसर रूबी से कोई छह साल पहले हुई थी, लेकिन जल्द ही ये औपचारिक मुलाकात, गहरी दोस्ती फिर मुहब्बत में तब्दील हो गई. अब नेताजी की आंखों पर पर्दा पड़ चुका था. वो घर में अपनी बीवी बीना के साथ कम और माशूका रूबी के साथ ही ज़्यादा वक़्त गुजारने लगे.

कहते हैं इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छिपते- नेताजी के साथ भी यही हुआ. अपने शौहर के इश्क के चर्चे दुनियावालों की जुबान से होती हुई सुधीर की पत्नी बीना तक भी पहुंची और फिर जैसा कि आमतौर पर होता है. बीना और सुधीर के बीच रूबी को लेकर झगड़ों की शुरुआत हो गई. ये मर्ज की दवा एक ही थी, वो ये कि सुधीर अपनी माशूका रूबी से किनारा कर लें, लेकिन ना तो सुधीर को ये बात मंज़ूर थी और ना ही रूबी को. लिहाजा, जैसे-जैसे वक़्त गुजरा तीनों के बीच तनाव भी लगातार बढ़ता रहा और फिर इसके बाद एक रोज सुधीर की माशूका रूबी ने जो साज़िश रची, वो बेहद ख़ौफ़नाक थी.

रूबी ने बीना को रास्ते से हटाने के लिए काले इल्म के माहिर एक तांत्रिक का दामन थामा, जिसकी शहर में अच्छी पूछ थी. ये तांत्रिक था, बाबा अकबर शाह. बाबा अकबर शाम को अब रूबी की सूरत में सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी मिल चुकी थी. रूबी अक्सर उसके पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचती और बाबा हर बार उसे तंत्र-मंत्र के सहारे बीना का काम तमाम करवा देने का झांसा देकर मोटी रकम वसूल लेता, लेकिन जब वक़्त ज़रूरत से ज़्यादा लंबा हो गया, तो रूबी ने अकबर शाह पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और तब अंत में अकबर शाह ने रूबी से उसके आशिक की बीवी यानी बीना के कत्ल के लिए चालीस हज़ार रुपये की सुपारी उठा ली.

अब बाबा ने अपने सबसे भरोसेमंद चेले मृदुल नाम के और तांत्रिक को बीना को ठिकाने लगाने का काम सौंपा, लेकिन इसके लिए तांत्रिक मृदुल को बीना के घर दाखिल होना था. उसे भरोसे में लेना था और यहीं इस कत्ल का असली प्लाट तैयार हुआ. अब रूबी अपने आशिक सुधीर से उसके घर की हर बारीक से बारीक बातें पूछने और समझने लगी. मसलन, ये कि घर में किस रोज क्या पका, क्या खाया, क्या पहना, किस बात पर लड़ाई हुई, कौन आया, कौन गया. वगैरह-वगैरह.



इधर, सुधीर ये बातें रूबी को बताता और उधर रूबी सारी बातें मृदुल को, लेकिन तांत्रिक मृदुल ने इन्हीं छोटी-छोटी बातों के सहारे सुधीर की पत्नी बीना के दिमाग पर अपनी ऐसी छाप छोड़ी कि बिना बिल्कुल उसकी दीवानी हो कर रह गई. अब तांत्रिक अक्सर बीना के घर आने लगा. उसे उसी के पति से पता चली बातें बताने लगा और फिर इन्हीं बातों की बदौलत अपने तंत्रशक्ति का अहसास करवाने लगा, लेकिन इसके बाद उसने बीना को जैसे अपने इशारे पर नाचने को मजबूर कर दिया.



दरअसल, उसने बीना से कहा था कि वो अपनी तांत्रिक शक्तियों की बदौलत उसके पति सुधीर को रूबी के चंगुल से वापस खींच लाएगा. सुधीर फिर से उससे पहले की तरह प्यार करने लगेगा, लेकिन इसके बाद जो कुछ हुआ, वो किसी ने नहीं सोचा था.



बीवी के कत्ल की सुपारी निकल चुकी थी, कातिल शिकार के पास पहुंच चुका था. फिर वो वक्त भी आया, जब कातिल ने अपने शिकार से उसके कत्ल का रिहर्सल करवाया. रिहर्सल कातिल के हिसाब से ही पूरा हुआ. अब बस रिहर्सल को हकीकत को बदलना था और उसके लिए फाइनल टेक लेना था. फाइनल टेक यानी मर्डर. तांत्रिक मृदुल का अब सुधीर की गैरमौजूदगी में अक्सर बीना के पास आना जाना शुरू हो चुका था. अपने पति का प्यार वापस पाने के इरादे से बीना तब-तब मृदुल को अपने पास बुलाती, जब-जब सुधीर घर में नहीं होते और मौके का फायदा उठाकर मृदुल ने बीना के घर तंत्र-मंत्र का वो जाल-बट्टा फैलाया, जो लगातार बढ़ता ही जा रहा था.



मृदुल को अपने गुरु यानी बड़े तांत्रिक बाबा अकबर शाह से पहले ही बीना को रास्ते से हटाने का हुक्म मिल चुका था और मृदुल ऐसी तरकीब निकालने में लगा था, जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे और आख़िरकार उसके दिमाग में वो तरकीब भी आ ही गई.



अब मृदुल ने सुधीर के दिमाग में रूबी का असर कम करने के नाम पर बीना को तंत्र-मंत्र के लिए कहा. उसने तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर कई बार बीना को गले में फंदा डाल कर स्टूल के सहारे खड़े होने को कहा और जब-जब बीना फंदा डाल कर खड़ी होती, वो बीना को स्टूल धकेल कर गिरा देने का हुक्म देता. मृदुल पर बीना को भरोसा हो चुका था. जो हर बार अपने पैरों से स्टूल गिरानेवाली बीना को थाम कर उसकी जान बचा लेता. इस तरह मृदुल बीना के कत्ल का रिहर्सल कर रहा था और बीना इसे तांत्रिक क्रिया समझ रही थी, लेकिन मृदुल के दिमाग में कोई और ही साजिश चल रही थी और फिर एक दिन ऐसा हुआ, जिसके बारे में किसी ने भी नहीं सोचा था.



मृदुल एक रोज बीना के घर पहुंचा और तांत्रिक क्रिया के नाम पर उसने बीना को गले में फंदा डाल कर स्टूल पर चढ़ा दिया. बीना चढ़ी और रवायत के मुताबिक उसने अपने पैरों से स्टूल को नीचे भी गिरा दिया, लेकिन इस बार मृदुल ने उसे धोखा दे दिया. यानी स्टूल के गिरने पर जैसे ही बिना के गले में फंदा कसा, मृदुल पीछे हट गया. वो तड़पने लगी और चंद सेकेंड्स में ही ठंडी पड़ गई और इस तरह बीना का कत्ल हो चुका था. एक ऐसा कत्ल जो हुआ तो कातिल की आंखों के सामने, लेकिन कातिल ने मकतूल को हाथ तक नहीं लगाया.



पहली नजर में तो पुलिस ने भी इसे खुदकुशी का मामला ही समझा था, लेकिन जब तफ्तीश आगे बढ़ी और उसे सुधीर और रूबी के रिश्तों का पता चला, तो सारी कहानी साफ हो गई. दोनों के कॉल डिटेल्स पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुए और धीरे-धीरे रूबी और तांत्रिक और उनके चेलों की शक्ल में पांच लोग इस मामले में गिरफ्तार हो गए. हालांकि इस मामले में पुलिस ने फिलहाल बीना के शौहर यानी नेताजी सुधीर यादव को क्लीन चिट दे रखी है और इसे लेकर फिजा में कई सवाल भी हैं.


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https://aajtak.intoday.in/crime/story/sp-leader-sudhir-yadavs-love-story-and-murder-1-771962.html



बंगाली बाबा ने झाड़फूंक के बहाने की महिला की हत्या

कानपुर।

करीब 36 दिन पहले विवाहित महिला की आत्महत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने दावा किया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या हैं और इस घटना को झाड़फूंक करने वाले बंगाली बाबा और उनके चेलों ने अंजाम दिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के एस इमेनुएल ने बताया कि नौ जून 2014 को बर्रा इलाके में विवाहित महिला बीना यादव (35) की आत्महत्या का मामला सामने आया था। लड़की के घर वालों ने दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस ने जब जांच की तो झाड़फूंक करने वाले बाबा, उसके चेले और एक महिला का नाम सामने आया।

उन्होंने बताया कि मृतका बीना के पति सुधीर सिंह यादव का एक बैंक में काम करने वाली महिला से प्रेम संबंध थे। इस पर उस महिला ने बीना को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

इसके लिए वह सबसे पहले झाड़फूंक करने वाले बंगाली बाबा शाकिर उर्फ अकबर शाह के पास गई। बाबा ने उस महिला से 25 हजार रुपए लिए और झाड़फूंक का नाटक करने लगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस बीच बाबा के यहां काम करने वाला एक युवक मृदल बाजपेई की उस महिला से मुलाकात हुई। उसने कहा कि वह बीना को रास्ते से हटा देगा और काम के बाद पैसा लेगा। मामला 40 हजार रुपए में तय हो गया।



एसएसपी ने बताया कि पिछले महीने 9 जून को मृदुल अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ बीना के घर शाम को आया। मृदल ने बीना के साथ वह फांसी वाला खेल खेलना शुरू किया लेकिन जब फांसी का फंदा लगाने के बाद बीना ने स्टूल को लात मारी तो मृदल ने उसे नीचे से सहारा नहीं दिया और वह लटककर मर गई ।
एसएसपी ने बताया कि बीना की इस तरह हत्या कर दिए जाने के बाद बाद मृदल और उसके साथी घर से चले गए और घर के दरवाजे इस तरह से बंद किए जैसे कि वह अंदर से बीना द्वारा बंद किए हों। इसके बाद उस महिला ने बीना की मौत की खबर सुनकर उनसे वायदे के मुताबिक पैसे दे दिए।



पुलिस इसे आत्महत्या ही मान रही थी लेकिन जब दहेज हत्या का मामला दर्ज हुआ तो पुलिस ने जांच की और बीना के टेलीफोन के जांचे तो उसमें एक अंजान नंबर दिखा जिसकी जांच की गई तो वह नंबर मृदल बाजपेई का निकला।
पुलिस ने मृदल को पकड़कर उससे पूछताछ की तो उसके पीछे यह कहानी सामने आई। इस सिलसिले में पुलिस ने आज बाबा अकबर शाह बंगाली उर्फ शाकिर, मृदल बाजपेई, मनीष घूसिया, श्याम बाजपेई तथा उस महिला को गिरफ्तार कर लिया।


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